UPTET याची राहत पाने की लालच में याची बनने के लिए अगर आप किसी को भी पैसा दे रहे हों तो जुर्माना भरने को भी तैयार रहें : सूरज शुक्ला

याची राहत पाने की लालच में याची बनने के लिए अगर आप किसी को भी पैसा दे रहे हों तो जुर्माना भरने को भी तैयार रहें। कोर्ट में अगर फिर याची राहत की मांग हुई तो जुर्माना लगाना तय है। जो भी केस सही लगे उस केस में सपोर्ट जरूर करें क्योंकि सिर्फ सही आधार पर लड़े जा रहे केस के सफल होने की थोड़ी संभावना शेष है। मुख्य बात यह है कि आपके नेता और वकील कोर्ट में फिर से याची राहत के लालच में पड़ते हैं या मुद्दे पर केस लड़ते हैं। व्यक्तिगत रूप से मुझे मुझे सिर्फ रिव्यू और क्यूरेटिव याचिका से उम्मीद बची है उस केस के लिए पैसा दिया है और मेरा नाम मेरी जानकारी में सिर्फ रिव्यू याचिका में है और क्यूरेटिव याचिका में होगा। किसी भी अन्य याचिका में यदि मेरा नाम पड़ गया हो तो उस केस के लिए लड़ रहे नेताओं से मेरा अनुरोध है कि वहां से मेरा नाम हटा दें।
अखिलेश शुक्ला को रिव्यू में 839 को सर्वोत्तम चैलेंज होने के कारण उसे सपोर्ट किया है। यदि किसी ने भी पहले ही यह काम कर दिया होता तो शायद Akhilesh Shukla को अंत समय में डिले एप्पलीकेशन लगाकर रिव्यू डालने की जरूरत ना पड़ती। पर ना जाने कैसी चाहत या डर था 839 से कि 839 की नियुक्ति रिव्यू में चैलेंज करने के नाम पर बड़े बड़े नेताओं के हाथ पैर फूल गए थे।
जो भी साथी कहीं भी केस लड़ रहे हों उनसे निवेदन है कि यदि पहले बनाये गए याचियों का पैसा शेष बचा हो तो पहले उसे केस के लिए इस्तेमाल करें। यदि उसके बाद भी कम पड़े तो अपने केस के लिए मदद मांगें। जिसे केस से उम्मीद होगी वो सपोर्ट अवश्य करेगा। आज भी यदि कोई याची राहत की झूठी उम्मीद दिखाकर, झूठ बोलकर धोखा देकर यदि कोई भी पैसा वसूल रहा होगा तो वह बिल्कुल गलत है। केस लड़ो लेकिन याची राहत के लिए नहीं। झूठ के सौदागर भी जानते हैं कि आज तक मैंने सिर्फ सच ही लिखा है और आगे भी जब भी लिखूंगा सच ही लिखूंगा। इस बात से कोई फर्क ना पड़ा है और ना पड़ेगा कि कौन और कितने लोग विरोध में है।